मुक्त बेसिक शिक्षा (ओबीई)

यह एक प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम है जो प्रत्यायित एजेंसियों द्वारा बीच में ही स्कूल छोड़ने वालों नव सक्षरों और स्कूल न जाने वाले शिक्षार्थियों के लिए चलाया जाता है ।

अपने "सर्व शिक्षा अभियान" (एसएसए) के अंतर्गत, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (मा.सं.वि.मं) भारत सरकार, देश में सभी बच्चों, युवाओं और प्रौढ़ों को बेसिक शिक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रहा है । राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने एक वैकल्पिक शिक्षा कार्यक्रम, के रूप में मुक्त बेसिक शिक्षा कार्यक्रम (ओबीई) प्रारम्भ किया है, जो औपचारिक शिक्षा प्रणाली की प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम के समकक्ष है । ओबीई कार्यक्रम शिक्षा वंचितों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रणाली (डीईएम) की सक्षमताओं की खोज करता है और उनका उपयोग करता है । एनआईओएस के आधार पाठ्यक्रम मुक्त बेसिक शिक्षा (ओबीई) कार्यक्रम में रूपांतरित किया गया है । बच्चों और प्रौढ़ों के लिए अलग ओबीई कार्यक्रम का प्रावधान है । ओबीई कार्यक्रम क्षेत्रों की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ इस प्रकार हैं :-

  • मुक्त बेसिक शिक्षा कार्यक्रम (ओबीई) कार्यक्रम के लिए शिक्षार्थी समूह हैं :-
    • 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे
    • 14 वर्ष से अधिक आयु के प्रौढ़
  • ओबीई कार्यक्रम तीन स्तरों पर चलाया जाता है:
    • ओबीई स्तर - ए - कक्षा I-III के समकक्ष
    • ओबीई स्तर - बी - कक्षा IV-V के समकक्ष
    • ओबीई स्तर - सी - कक्षा VI-VIII के समकक्ष

ओबीई कार्यक्रम इस उद्देश्य के लिए प्रत्यायित एजेंसियों के सहयोग के साथ लागू किया जा रहा है । इन्हें प्रचलित रूप में प्रत्यायित एजेंसियां कहा जाता है ।

एनआईओएस के ओबीई कार्यक्रम के अंतर्गत जो अपना नामांकन कराना चाहते हैं वे पास की प्रत्यायित एजेंसियों से संपर्क करें । ओबीई परीक्षाओं का आयोजन एनआईओएस द्वारा प्रदान किए गए नियमों, दिशा निर्देशों और मानदंडों के अनुसार प्रत्यायित एजेंसियों द्वारा किया जाता है । सफल शिक्षार्थियों को ए, बी और सी स्तरों के लिए प्रत्यायित एजेंसी और एनआईओएस द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणपत्र दिये जाते है ।

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